विभागों को चेतावनी: ऑनलाइन RTI आवेदन नजरअंदाज करना पड़ेगा भारी, सूचना आयोग का कड़ा रुख

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 चंडीगढ़
 हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने आनलाइन माध्यम से दाखिल आरटीआई आवेदनों की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी विभाग द्वारा आनलाइन प्राप्त आरटीआई आवेदन पर निर्धारित समयावधि में कार्रवाई नहीं की जाती, तो इसे सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत 'डीम्ड रिफ्यूजल' यानी सूचना देने से इनकार माना जाएगा।

आयोग ने यह भी कहा कि भविष्य में यह दलील स्वीकार नहीं की जाएगी कि आनलाइन दाखिल आवेदन संबंधित अधिकारी के संज्ञान में नहीं लाया गया था। राज्य सूचना आयुक्त डा अजय कुमार सूरा ने यह टिप्पणी एचएसआईआईडीसी (हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम) से संबंधित एक अपील की सुनवाई के दौरान की।

11 मई 2026 को कराई सूचना उपलब्ध
अपीलकर्ता तुषार अरोड़ा ने आरोप लगाया था कि 16 अक्टूबर 2025 को आनलाइन दायर आरटीआई आवेदन पर लंबे समय तक कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। बाद में आयोग की कार्यवाही शुरू होने के पश्चात विभाग ने 11 मई 2026 को सूचना उपलब्ध कराई।

सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता पक्ष ने स्वीकार किया कि मांगी गई सूचना मिल चुकी है और वह उससे संतुष्ट है, लेकिन सूचना देने में करीब छह माह की देरी पर संबंधित एसपीआईओ के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।

दूसरी ओर एचएसआईआईडीसी के प्रतिनिधि ने कहा कि आनलाइन आवेदन उनके संज्ञान में नहीं लाया गया था, जिसके कारण देरी हुई।

आयोग ने जारी किया नोटिस
उन्होंने इस चूक पर खेद भी जताया। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि विभिन्न मामलों की सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि कई विभागों में आनलाइन आरटीआई आवेदनों की निगरानी और ट्रैकिंग की प्रभावी व्यवस्था नहीं है। अनेक मामलों में अधिकारियों ने यही तर्क दिया कि उन्हें आवेदन की जानकारी तभी मिली जब आयोग की ओर से नोटिस जारी हुआ।

आयोग ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही करार दिया। आयोग ने उल्लेख किया कि हरियाणा सरकार ने 24 जनवरी 2022 को आरटीआई आनलाइन पोर्टल शुरू किया था ताकि नागरिक आसानी से आवेदन और प्रथम अपील दायर कर सकें तथा उनकी स्थिति पर नजर रख सकें। ऐसे में चार वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभागों द्वारा आनलाइन आवेदनों पर समुचित ध्यान न देना चिंता का विषय है।

समय सीमा का सख्ती से पालन करने की चेतावनी
हालांकि आयोग ने इस मामले में एसपीआईओ के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू करने से इनकार कर दिया, क्योंकि सूचना अंतत उपलब्ध करा दी गई थी। फिर भी अधिकारी को भविष्य में समय सीमा का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई।

साथ ही आयोग सचिवालय को आदेश की प्रति मुख्य सचिव, हरियाणा को भेजने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सभी विभागों के एसपीआईओ को आनलाइन आरटीआई आवेदनों की नियमित निगरानी के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके।

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